पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्याकाण्ड में शामिल सात दोषियों को तमिलनाडु सरकार ने रिहा करने का फैसला लिया है। तमिलनाडु के मुख्य सचिव के ज्ञानादेसिकन ने संघीय सरकार से राय मांगी है। ज्ञानदेसिकन ने लिखा है कि राज्य सरकार ने सभी सात दोषियों नलिनी, वी श्रीहरण उर्फ मुरूगन, एजी पेरारिवलन उर्फ अरिवु, टी सुरेंद्रराजा उर्फ संथन, जयाकुमार, रॉबर्ट पयस और रविचंद्रन की अपील पर विचार करने के बाद उन्हें रिहा करने का फैसला किया है। इनमें से चार श्रीलंकाई नागरिक हैं।

उन्होंने कहा है कि नलिनी की रिहाई याचिका मद्रास हाई कोर्ट में लंबित भीी है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी 2014 को इनमें से तीन लोगों की फांसी की सजा आजीवन कारावास में तब्दील कर दी थी। चूंकि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रहा है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक इसके लिए संघीय सरकार की राय भी जरूरी है। श्रीपेरम्बदूर में एक चुनावी रैली के दौरान 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में राजीव गांधी और 14 अन्य लोगों की मौत हो गई थी। नलिनी को निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी जिसे बाद में गांधी की पत्नी एवं वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की दया याचिका के बाद आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया गया था। (News24)

 


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