नई दिल्ली | 10 जुलाई को कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा से लौट रही श्रदालुओ की एक बस पर आतंकी हमला हुआ. जिस बस पर यह हमला हुआ उसमे करीब 54 लोग सवार थे. आतंकी हमले में 7 श्रदालुओ की मौत हो गयी जबकि 19 लोग घायल हो गए. इस हमले की पुरे देश ने निंदा की. इसमें राजनितिक दलों के अलावा बॉलीवुड और खेल की हस्तिया भी शामिल थी.

इस आतंकी हमले के बाद एक शख्स की सबसे ज्यादा चर्चा हुई. वो शख्स है बस के ड्राईवर, सलीम. सभी मीडिया ग्रुप ने सलीम की बहादुरी को सलाम किया और बताया की उसकी वजह से बाकी यात्रियों की जान बच सकी क्योकि हमले के दौरान सलीम ने बस नही रोकी. उसने करीब 2 किलोमीटर तक बस को पूरी रफ़्तार में भगाया और सेना की चौकी दिखने के बाद बस को रोका.

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लेकिन देश में अभी भी ऐसे लोग और संगठन मौजूद है जो हर घटना को मजहबी रंग देने की कोशिश करते है. उन लोगो को यह बात बिलकुल पसंद नही आई की आखिर अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमलो में एक मुस्लिम को कैसे हीरो बनाया जा रहा है. जबकि होना इसका उल्टा चाहिए था. चूँकि शिवभक्तो पर आतंकी हमला हुआ है तो इसके लिए मुस्लिमो को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए था. क्योकि उनकी नजर में आतंकवाद का केवल एक ही धर्म है, इस्लाम.

लेकिन सलीम के हीरो बनने से सब गुड गोबर हो गया. इसलिए सोशल मीडिया के जरिये एक मुहीम चलायी गयी जिसमे सलीम को ही संदेह के घेरे में रखा गया और एक अन्य शख्स हर्ष देसाई को हीरो बनाने की कोशिश की गयी. इस अभियान के जरिये बताया गया की बस को सलीम नही बल्कि हर्ष चला रहा था. वो इस हमले में घायल भी हुआ लेकिन फिर भी शिवभक्तो की जान बचानाने के लिए उसने गाडी नही रोकी.

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इस बात को गुजरात के अख़बार दिव्य भास्कर ने भी पुष्ट करने की कोशिश की. दिव्य भास्कर ने हर्ष देसाई के बयान का हवाला देते हुए दावा किया की बस सलीम नही बल्कि हर्ष चला रहा था. लेकिन हैरानी की बात यह है की दिव्य भास्कर के परिवार की वेबसाइट दैनिक भास्कर में कहा गया की बस सलीम ही चला रहा था. हालाँकि हमारे पास सलीम और हर्ष , दोनों के बयान मौजूद है. इन बयानों से स्पष्ट हो जाता है की बस कौन चला रहा था.

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दरअसल हर्ष , बस के मालिक जवाहर देसाई का बेटा है. उसने अपने बयान में कहा की जब आतंकी हमला हुआ तो मैंने सलीम को चिल्लाते हुए कहा की बस मत रोकना , बस मत रोकना, कही सेना की चौकी दिखे तो वहां बस रोक देना. हर्ष ने बताया की हमले में उसे भी तीन गोलिया लगी थी. कम से कम 25 आतंकवादियों ने बस पर हमला किया था. हर्ष के बयान से स्पष्ट है की बस को सलीम ही चला रहा था नही तो वो ऐसा क्यों कहता की, सलीम बस मत रोकना.
देखे हर्ष का बयान

विडियो सौजन्य से: ईटीवी 

अगर विडियो नही चल रही है तो आप यहाँ क्लिक कर यह विडियो देख सकते है.


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