New Delhi: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal addressing a press conference  after the cabinet meeting in New Delhi on Monday.PTI Photo by Atul Yadav(PTI10_19_2015_000049A)

नई दिल्ली | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा की मैं मोदी जी , बीजेपी और अमित शाह से पूछना चाहता हूँ की वो क्या मानते है , कालाधन किसके पास है? अम्बानी, अडानी , शरद पंवार, सुभाष चन्द्र और बादल परिवार के पास है या एक रिक्शेवाला , रेहड़ी वाला, किराने की दुकान वाला या एक आम घरेलु महिला के पास है. इसके अलावा केजरीवाल ने इस फैसले के पीछे एक बड़े घोटाले का भी आरोप लगाया.

केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा की मोदी जी ने 500 और 1000 का नोट बंद करने का जो फैसला किया है इसके पीछे एक बड़े घोटाले का संदेह हो रहा है. मैं इसके लिए कुछ तथ्य आपके सामने रखना चाहता हूँ. CNBC चैनल पर आई एक मीडिया रिपोर्ट में कल दिखाया गया की जुलाई और सितम्बर क्वार्टर में ज्यादातर बैंकों में अप्रत्याशित रूप से डिपाजिट रकम की दर बढ़ गयी. जुलाई से पहले जो थोड़े थोड़े डिपाजिट बैंक में हो रहे थे उसके मुकाबले इस क्वार्टर में कई गुना रकम बैंक में डिपाजिट हुई.

केजरीवाल ने मोदी सरकार से पुछा की यह रकम किसने जमा की? यह हजारो करोड़ रूपए की रकम किसकी थी? लोग कह रहे है की यह वो रकम है जो सरकार ने इनकम घोषित करने की योजना के दौरान हुई. मैं आपको बताना चाहता हूँ की डिपाजिट रकम अलग होती है और घोषित की गयी इनकम अलग होती है. यह किसी इंडिविजुअल का पैसा है. यह रिपोर्ट किसी घोटाले की और इशारा करती है.

उन्होंने आगे कहा की क्या मोदी सरकार ने नोटबंदी कराने से पहले अपने बीजेपी के नेताओ और दोस्तों को पहले ही बता दिया की तुम अपने पैसे ठिकाने लगा दो? इससे यही जाहिर होता की है आपने अपने दोस्तों और नेताओ के नोट पहले ही ठिकाने लगवा दिए. दूसरी चीज ये की क्या इतना बड़ा फैसला लेने से पहले सरकार और अधिकारियो को नही पता था की पुराने एटीएम में नए नोट नही आने वाले? उनको पता था लेकिन जानबूझकर देश में अव्यवस्था फैलाई गयी जिससे लोग परेशान हो और इनके दलालों के पास जाए.

सरकार नही चाहती की कालाधन बाहर आये. लोगो को डराया जा रहा है की ढाई लाख से ज्यादा रकम अकाउंट में डाली तो 200 फीसदी पनेल्टी और 30 फीसदी टैक्स लगेगा. वो चाहते है की लोग डरे और पैसा उनके दलाल से बदलवाए. इस कदम से कोई कालाधन सिस्टम के पास नही होगा बल्कि एक हाथ से दुसरे हाथ चला जाएगा. मैं सरकार , बीजेपी और अमित शाह से तीन सवाल करता हूँ, पहला वो बताये की वो क्या मानते है , कालाधन किसके पास है?

दूसरा वो उन लोगो की लिस्ट जारी करे जिनके पास नोट बंद होनी की पहले से जानकारी थी और जिन्होंने अपना पैसा ठिकाने लगा दिया. अमित शाह के आरोप लगाने पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा की अब अमित शाह हमें इमानदारी का पाठ पढ़ाएंगे?


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