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संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम भाषण में उन्होंने इजराइल और फिलिस्तीन विबाद पर इजराइल को नसीहत देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि इस्राईल यदि फ़लिस्तीनियों से समझौता कर लेता है तो ये उसके लिए बेहतर होगा क्योंकि वह फ़िलिस्तीन की जमीन को हमेशा अपने क़ब्ज़े में नहीं रख सकता.

न्यूयार्क में मंगलवार को अपने भाषण में उन्होंने कहा कि यदि इजराइल फ़लिस्तीनियों से समझौता कर लेता है तो निश्चित रूप से इस्राईली और फ़िलिस्तीनी अधिक बेहतर स्थिति में होंगे फ़िलिस्तीनी, इस्राईल को मान्यता दे देंगे और  इस्राईल यह समझ लेगा कि वह हमेशा फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों पर क़ब्ज़ा नहीं जमाए रख सकता.

सीरिया युद्ध को लेकर ओबामा ने कहा कि पांच साल से अधिक समय से जारी सीरिया युद्ध को रोकने का एक मात्र मार्ग कूटनीति है. उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में सैनिक विजय नहीं मिल सकती, हम सघन कूटनैतिक प्रयास शुरू करने जा रहे हैं ताकि हिंसा समाप्त हो और उन्हें सहायता मिले जिनको इसकी आवश्यकता है.

इस दौरान उन्होंने रूस पर अपना हमला जारी रखा और कहा कि रूस शक्ति के माध्यम से अपना प्रभाव बढ़ा रहा है. ओबामा ने कहा कि एसी दुनिया में जो साम्राज्यों का युग पीछे छोड़ आई है हम रूस को देखते हैं कि वह हाथ से निकल चुका वैभव ताक़त के माध्यम से पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है.


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