akola-dm_1478237240

अकोला | किसी भी इंसान के लिए रिटायरमेंट वाला दिन काफी भावनात्मक होता है. उस दिन वो अपनी पूरी जिन्दगी को फ़्लैश बेक में ले जाकर हिसाब लगाता है की मैंने क्या पाया और क्या खोया? इसलिए उस इंसान के लिए वो दिन ख़ुशी और गम दोनों लेकर आता है. गम इसका की अब वो इस दफ्तर में फिर नही आएगा और ख़ुशी इसकी की वो अब अपने परिवार को ज्यादा समय दे पायेगा.

लेकिन क्या हो अगर आपका अधिकारी, आपके रिटायरमेंट के दिन कुछ ऐसा कर दे की आप उस पल को जिन्दगी भर न भूल पाए. कुछ ऐसा ही किया महाराष्ट्र के अकोला के कलेक्टर ने. उनके दफ्तर में काम करने वाले ड्राईवर दिगंबर थाक शुक्रवार को रिटायर होने वाले थे. पिछले 33 सालो से इस दफ्तर में काम कर रहे दिगंबर के लिए यह दिन उस समय खास बन गया जब उन्ही के अफसर गाडी लेकर उनके घर पहुंचे.

फूलो से सजी एक गाडी उनके घर के बाहर खडी थी. जिसकी ड्राईवर सीट पर और कोई नही बल्कि उन्ही के अफसर कलेक्टर बैठे थे. जब दिगंबर बाहर निकले तो कलेक्टर साहब ने उन्हें पिछली सीट पर बैठने के लिए कहा. कई प्रयासों के बाद दिगंबर पिछली सीट पर बैठने के लिए तैयार हो गए. अकोला के कलेक्टर जी श्रीकांत ने बताया की हम उनके रिटायरमेंट के दिन को विशेष बनाना चाहते थे.

श्रीकांत के अनुसार, इसलिए हमने उन्हें वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने की योजना बनायी. पिछले 33 सालो से जो उन्होंने हम सबके लिए किया, मैं उसके लिए उनको धन्यवाद देता हूँ. इसके अलावा उनके लिए ऑफिस में फेयरवेल पार्टी भी रखी गयी . इस तरह के स्वागत को देख दिगम्बर भावुक हो गए. दिगंबर पिछले 33 सालो इस ऑफिस में काम कर रहे है. दिगंबर करीब 18 कलेक्टर की गाडियों के ड्राईवर रहे है.


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें