श्रीनगर | एक देश एक कर की अवधारणा के साथ 1 जुलाई से पुरे देश में लागु हो रहे जीएसटी ( गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के लिए काउंसिल ने कुछ महतवपूर्ण निर्णय लिए है. श्रीनगर में चल रही जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी के लिए बनाये गए 9 नियमो को मंजूरी दे दी गयी है. इसके अलावा 1211 आइटम्स के लिए नयी कर दरे भी तय कर दी गया है.

दो दिवसीय जीएसटी काउंसिल की बैठक में तय किया गया की किस आइटम को किस टैक्स स्लैब में रखना है. मालूम हो की जीएसटी के लिए 4 टैक्स स्लैब 5,12,18 और 28 बनाये गए है. करीब 19 फीसदी आइटम्स को 28 फीसदी टैक्स स्लैब के दायरे में रखा गया है जबकि इतने ही फीसदी आइटम्स 12 फीसदी के दायरे में है. सबसे ज्यादा आइटम 18 फीसदी टैक्स दायरे में रखे गए है.

आइये आपको बताते है की किस आइटम पर कितना फीसदी टैक्स लगेगा-:

इन आइटम पर नही लगेगा कोई टैक्स 

फ्रेश मीट, फिश चिकन, अंडा, दूध, बटर मिल्क, दही, शहद, फल एवं सब्जियां, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, स्टांप. न्यायिक दस्तावेज, प्रिंटेड बुक्स, अखबार, चूड़िया और हैंडलूम जैसे तमाम रोजमर्रा की जरूरतों के आइटम्स को जीएसटी के दायरे से ही बाहर रखा गया है.

5 फीसदी टैक्स दायरे में रखे गए आइटम 

फिश फिलेट, क्रीम, स्किम्ड मिल्ड पाउडर, ब्रैंडेड पनीर, फ्रोजन सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, पिज्जा ब्रेड, रस, साबूदाना, केरोसिन, कोयला, दवाएं, स्टेंट और लाइफबोट्स जैसे आइटम्स को टैक्स की सबसे निचली 5 पर्सेंट की दर में रखा गया है.

12 फीसदी टैक्स दायरे में रखे गए आइटम

फ्रोजन मीट प्रॉडक्ट्स, बटर, पैकेज्ड ड्राई फ्रूट्स, ऐनिमल फैट, सॉस, फ्रूट जूस, भुजिया, नमकीन, आयुर्वेदिक दवाएं, टूथ पाउडर, अगरबत्ती, कलर बुक्स, पिक्चर बुक्स, छाता, सिलाई मशीन और सेल फोन जैसी जरूरी आइटम्स को 12 पर्सेंट के स्लैब में रखा गया है.

18 फीसदी टैक्स दायरे में रखे गए आइटम 

फ्लेवर्ड रिफाइंड शुगर, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, पेस्ट्रीज और केक, प्रिजर्व्ड वेजिटेबल्स, जैम, सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड मिक्सेज, मिनरल वॉटर, टिशू, लिफाफे, नोट बुक्स, स्टील प्रॉडक्ट्स, प्रिंटेड सर्किट्स, कैमरा, स्पीकर और मॉनिटर्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया है.

28 फीसदी के दायरे में आने वाले आइटम 

चुइंग गम, गुड़, कोकोआ रहित चॉकलेट, पान मसाला, वातित जल, पेंट, डीओडरन्ट, शेविंग क्रीम, हेयर शैम्पू, डाइ, सनस्क्रीन, वॉलपेपर, सेरेमिक टाइल्स, वॉटर हीटर, डिशवॉशर, सिलाई मशीन, वॉशिंग मशीन, एटीएम, वेंडिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, शेवर्स, हेयर क्लिपर्स, ऑटोमोबाइल्स, मोटरसाइकल, निजी इस्तेमाल के लिए एयरक्राफ्ट और नौकाविहार को 28 फीसदी टैक्स स्लैब में रखने का फैसला लिया गया. जीएसटी काउंसिल ने इन सभी चीजो को लक्ज़री मानते हुए इन्हें सबसे अधिक टैक्स स्लैब में रखा.


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