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मुंबई | मशहूर और विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाईक के पिता डॉ अब्दुल करीम का रविवार को इंतकाल हो गया. लेकिन गिरफ़्तारी के डर से मलेशिया में बैठा जाकिर नाईक अपने पिता के जनाजे के लिए भी भारत नही आया. हालांकि जाकिर नाईक के खिलाफ भारत में अभी तक कोई ऍफ़आईआर दर्ज नही हुई है लेकिन फिर भी जाकिर नाईक को डर है की भारत पहुँचते ही उनको गिरफ्तार किया जा सकता है.

जाकिर नाईक के पिता डॉ अब्दुल करीम नाईक के दो बेटे और तीन बेटिया थी. खबरों के मुताबिक रविवार तडके 3.30 बजे अब्दुल करीम ने अंतिम सांस ली. उन्हें कुछ दिन पहले दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें मंझगांव के प्रिंस अली खान अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहाँ रविवार को उनका इंतकाल हो गया. अब्दुल करीम को नरियालवाडी कब्रिस्तान में दफनाया गया.

मिली जानकारी के अनुसार अब्दुल करीम के अंतिम संस्कार में करीब 1500 लोग शामिल हुए जिनमे शहर की कुछ जानी मानी हस्तिया भी शामिल थी. खबर यह भी है की अब्दुल करीम में अंतिम संस्कार के समय वहां मुंबई पुलिस, NIA और क्राइम ब्रांच के लोग भी शामिल थे. इस बारे में पूछने पर एक पुलिस कर्मी ने बताया की वो यहाँ रूटीन जानकारी के लिए आये है. वो इसकी खबर अपने मुख्यालय को देंगे.

अपने पिता के जनाजे में शामिल नही होने पर इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की तरफ से सफाई आई है. IRF के मेनेजर मंजूर शेख ने कहा की यह सब इतनी जल्दी में हुआ की जाकिर नाईक को जनाजे में शामिल होने का अवसर नही मिला. वो कब भारत लौटेंगे इसकी जानकारी हमें नही है. अब्दुल करीम के बारे में बताते हुए मंजूर शेख ने कहा की वो हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए काम करने वाले शख्स थे. उनकी जिन्दगी को शब्दों में बयाँ नही किया जा सकता.


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