मदुरै: तमिलनाडु में एमडीएमके के नेता वाइको ने आरोप लगाया है कि डीएमके और बीजेपी ने डीएमडीके नेता विजयकांत को आगामी विधानभा चुनाव में अपने साथ लेने के लिए पैसे और दूसरी चीजों की पेशकश की थी, लेकिन वह दोनों की पेशकश ठुकरा कर जन कल्याण मोर्चा (पीडब्ल्यूएफ) में शामिल हो गए।

बीजेपी ने केंद्र में मंत्री पद, तो डीएमके ने विजयकांत को दिया था 500 करोड़ का ऑफर : वाइकोवाइको ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि ‘डीएमके ने विजयकांत को चुनाव लड़ने के लिए 80 विधानसभा सीटों और 500 करोड़ रुपये की पेशकश की थी, जबकि बीजेपी ने उनको राज्यसभा सीट और केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री पद की पेशकश की थी।’ उन्होंने कहा, ‘विजयकांत इन प्रस्तावों को ठुकराते हुए तमिलनाडु में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के गठन के लिए हमारे साथ आए। विजयकांत ने यह भरोसा पैदा किया है कि वह भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के लिए डीएमके की ओर से की गई भ्रष्टाचार की रकम की पेशकश को ठुकरा दिया।’

करुणानिधि ने वाइको को भेजा मानहानि नोटिस
वहीं डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने वाइको को उनके इस आरोप पर दीवानी एवं फौजदारी मानहानि की कार्यवाही की चेतावनी दी और कानूनी नोटिस भेजा है। वकील आर धेवी ने वाइको को भेजे नोटिस में कहा है, ‘अपने मुवक्किल एम करुणानिधि की ओर से हम आपसे हमारे मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए झूठे आरोप वापस लेने और खेद प्रकट करने की मांग करते हैं।’

धेवी ने कहा कि मानहानि संबंधी बयान को लेकर वाइको सात दिनों के अंदर अपना आरोप वापस लें और माफी मांगें, ‘अन्यथा हमारे मुवक्किल मानहानि को लेकर आपके खिलाफ उपयुक्त दीवानी एवं फौजदारी कार्यवाही शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।'(NDTV)


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