नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दलित छात्र की खुदकुशी के मामले को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने रोहित की खुदकुशी के लिए केंद्र के दो मंत्रियों को जिम्मेदारी ठहराते हुए एक सांसद को भी कठघरे में खड़ी किया।

Arvind Kejriwal

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस से पहले यह रोहित की हत्या नहीं हुई, बल्कि यह तो लोकतंत्र की हत्या हुई है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने छत्रसाल स्टेडियम में झंडा फहराने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही।

अंबेडकर के रास्ते पर चलने वाला राष्ट्र विरोधी कैसे?: केजरीवाल ने अपने संबोधन में अखिल भारतीय छात्र संगठन (एबीवीपी) के साथ-साथ इशारों में केंद्र सरकार के मंत्रियों पर हमला करते हुए कहा कि छात्र रोहित वेमूला तो संविधान निर्माता भीम राव अंबेडकर के विचारों को मानने वाला व उनके बताए रास्तों पर चलने वाला राष्ट्रविरोधी कैसे हो गया?

केंद्र सरकार में शामिल एक मंत्री ने एक पत्र लिखा और उसे एंटी नेशनल घोषित कर दिया गया। केजरीवाल ने कहा कहा कि क्या बाबा साहब के विचारों पर चलना आज क्या टेररिज़्म कहलायेगा। ये गलत बात है।

व्यवस्था से पैदा हुए ऐसे हालात: रोहित पढ़ाई-लिखाई में तेज था। स्कॉलर था। आज भी दलित परिवार को इतना आगे बढ़ने में कठिनाई होती है। उसे सम्मान देना चाहिए था, लेकिन व्यवस्था ने ऐसे हालत पैदा किए कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी।

समाज को आगे आना चाहिए था

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेधावी छात्र होने के बावजूद रोहित वेमूला काफी परेशान था। ऐसे में उसे समाज से मदद मिलनी चाहिए था, उसकी मदद के लिए समाज के लोगों को आगे आना चाहिए था।

सबसे अच्छा भारत का संविधान: मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के संविधान को सबसे अच्छा संविधान बताया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पर इसके लागू होने के बाद भी क्या संविधान पूरी तहर से लागू किया गया? पिछले दिनों कुछ घटनाएं हुईं, जिससे कई प्रश्न उठते हैं?

केजरीवाल ने मंत्रियों को सराहा: अरविंद केजरीवाल ने अपने मंत्रियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सतेंद्र जैन ने कमाल कर दिखाया है। सवा चार सौ करोड़ का प्रोजेक्ट तीन सो करोड़ में बना दिया। ऐसे तीन फ्लाईओवर बने हैं, जिसमे सो करोड़ बचाए गए। हमने पीडब्‍ल्‍यूडी का माहौल बदल दिया। ईमानदारी से काम हुआ तो पैसों की बचत हुई। साढ़े 3 सो करोड़ बचा दिया।

केंद्र से सहयोग की अपील: अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं केंद्र से अपील करता हूं कि आने वाले समय में हम सहयोग के साथ काम करें। केंद्र सरकार को बड़े भाई की तरह होना चाहिए। भगवान् रामचंद्र के तरह होना चाहिए। सीबीआई छोड़ने के बजाय, अड़ंगा लगाने के बजाय साथ दें तो हम 10 गुना विकास करके दिखाएंगे।

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छत्रसाल स्टेडियम में तिरंग फहाराया और सलामी भी ली।इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए दिल्ली के सरकारी व गैरसरकारी स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। साभार: नईदुनिया


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