नई दिल्ली,मध्य प्रदेश में यूको बैंक की एक शाखा में 10 साल से काम कर रहे एक दलित के हाथ से पानी लेना बंद कर उसे नौकरी से निकालने को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है।

आयोग ने यूको के मुख्य प्रबंध निदेशक, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव को इस बाबत नोटिस जारी कर चार हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है।

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मीडिया में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने कहा है कि अगर यह वाकया सही है तो यह मानवाधिकार का घोर उल्लंघन है।

मामले के मुताबिक, मध्यप्रदेश के शिवहर जिले में यूको बैंक की एक शाखा में काम करने वाले रामस्वरूप (अनुसूचित जाति ) से वहां के वरिष्ठ अधिकारियों ने पानी लेना बंद कर दिया था।

आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने रामस्वरूप से इसलिए सेवा लेना बंद कर दी थी क्योंकि वह दलित था। रामस्वरूप ने इसे लेकर जिलाधिकारी को शिकायत भी की थी।

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आयोग ने प्रतिवादियों को रिपोर्ट दाखिल कर यह बताने के लिए कहा गया है कि रामस्वरूप की शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई। साथ ही उन्हें जांच रिपोर्ट भी दाखिल करने के लिए कहा गया है।

साभार अमर उजाला


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