गरीबों और कमजोरों की मदद करना सभी धर्मों में सामान रूप से सबसे बड़ा कर्म करार दिया गया है. नेशनल सैंपल सर्वे के डेटा के इस नेक में सबसे आगे ईसाई समुदाय है तो वहीँ सबसे आखिरी में हिन्दू समुदाय. हालांकि कुल रकम के मामले में हिंदू सबसे ऊपर हैं. दरअसल ये आबादी की वजह से है.

72वें नेशनल सैंपल सर्वे (एनएसएस) के आकड़ों में खुलासा हुआ कि हिंदू परिवार औसतन 82 रुपए लोगों की मदद में देते है और 92 रुपए पुजारियों पर खर्च करते है. तो वहीं मुस्लिम समुदाय 126 रुपए लोगों की मदद में और 54 रुपए मौलाना को देते हैं.

और पढ़े -   स्वामी ओम ने तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया गलत, लोगो ने की जबरदस्त धुनाई

रिपोर्ट के मुताबिक़ 2014-15 के आंकड़ों के मुताबिक, हिंदू परिवारों ने कुल 15,600 करोड़ रुपए चैरिटी में खर्च किये है. वहीं, मुसलमानों के लिए यह आंकड़ा 2580 करोड़ रुपए है. इसके अलावा सिख समुदाय ने 2014-15 में टोटल 1716 करोड़ रुपए चैरिटी किए थे. ईसाई के लिए यह 420 करोड़ रुपए रहा.

मुस्लिम समुदाय में ज्यादा चैरिटी की वजह जकात, सदकात, खैरात, फितरा आदि है. जो समय-समय पर देना होता है. ये सभी अमीर मुसलमानों पर एक निश्चित रकम के तौर पर देना अनिवार्य है.

और पढ़े -   वायरल विडियो: बीजेपी नेता ने तिरेंगे को कचरे में फेंका, लोगो ने कहा , मुस्लिम होता तो टुकडो में काट दिया जाता

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE