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नागपुर | भारत की पाकिस्तान को दुनिया से अलग थलग करने की रणनीति को हर बार नाकाम करने वाले चीन के खिलाफ भी भारत में काफी गुस्सा है. इसी गुस्से को भुनाने के लिए बीजेपी और कुछ संगठन लोगो से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील कर रहे है. हरियाणा में तो बीजेपी सरकार के मंत्री इस तरह की अपील कर रहे है. लेकिन राष्ट्रवाद के इस नकली मुखोटो के पीछे की असलियत ही कुछ और है.

एक तरफ अपने आप को राष्ट्रवादी साबित करने के लिए चीनी उत्पादों के बहिष्कार करने की अपील करना और दूसरी तरफ चीनी कंपनियों को सरदार पटेल के स्टेचू से लेकर नागपुर मेट्रो के कोच बनाने का ठेका देना संदेह जरुर पैदा करता है. लगता है बीजेपी राष्ट्रवाद के नाम पर केवल कोरी राजनीती कर रही है. चीनी उत्पादों का विरोध करने बीजेपी अपने आप को देश की सबसे बड़ी राष्ट्रवादी पार्टी दिखाने की कोशिश कर रही है.

शनिवार को चीन की सरकारी कंपनी चाइना रेलवे रोलिंग स्टॉक कारपोरेशन (CRRC) को नागपुर मेट्रो रेल के कोच बनाने का ठेका दे दिया गया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनविस ने CRRC के साथ एम्ओयु साइन करते हुए कहा की CRRC , मल्टी-मोडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एअरपोर्ट एट नागपुर (MIHAN) में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर राजी हो गयी है.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा की आज नागपुर के लिए खास दिन है क्योकि चीनी कंपनी ने MIHAN में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का फैसला किया है. इस यूनिट को लगाने में 1500 करोड़ रूपए का खर्चा आएगा और इससे करीब 5000 लोगो को रोजगार मिलेगा. चीनी कंपनी , इन कारखानों में मेट्रो रेल के कोच को तैयार करेगी और उनको नागपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन को सप्लाई किया जाएगा.

इस मौके पर केन्द्रीय परिवहन एवं सड़क मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुणे मेट्रो रेल का काम भी नागपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन को देने का फैसला किया. उन्होंने कहा की देश में नागपुर मेट्रो रेल सबसे तेजी से काम कर रही है. 2018 तक नागपुर मेट्रो का काम पूरा हो जाने की उम्मीद है.


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