अलीगढ़ : एएमयू के कल्चरल एजूकेशन सेंटर के यूनिवर्सिटी डिबेटिंग एवं लिटरेरी क्लब की ओर से आयोजित साहित्यक महोत्सव में शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर कहा कि इसका नाम ही इसका मुस्लिम यूनिवर्सिटी है। इस स्वरूप को देने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

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कहा कि अगर कोई भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक आधार पर कुद मांगता है तो उसे देना चाहिए। हरियाणा, पंजाब, हिमांचल, तमिलनाडु व उड़ीसा का उदाहरण देते हुए कहा कि इन प्रदेशों के बंटने से वहां की स्थिति मजबूत ही हुई, अखंडता पर कोई असर नहीं पड़ा। भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि एएमयू के सेंटरों पर कहा कि यह किसी को आगे बढ़ने से रोकने वाली बात है। उन्होंने जेएनयू विवाद में भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा, कहा कि इस पर सरकार का रुख ठीक नहीं रहा है। इससे पहले एक सत्र को वरिष्ठ पत्र कार राजदीप सरदेसाई ने भी संबोधित किया। उधर दिल्ली से अलीगढ़ के लिए चले अय्यर ट्रेन में ही बैठे रहे गए और हाथरस पर जाकर उतरे, वहां से छात्र उन्हें लेकर आए।

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इससे पहले सत्र के उद्घाटन में अखिल भारतीय सर सैयद स्मृति वाद विवाद प्रतियोगिता का पुरस्कार लॉ कॉलेज देहरादून को प्रदान किया गया। जबकि अंग्रेजी व हिन्दी में लॉ कॉलेज देहरादून तथा उर्दू में जामिया मिल्लिया इस्लामिया को सर्वश्रेष्ठ टीम का पुरस्कार प्रदान किया गया। उद्घाटन के मौके पर कुलपति जमीर उद्दीन शाह ने पुरस्कार प्रदान किये। इस अवसर पर सीईसी कोआर्डिनेटर डा. एफएस शीरानी, मानद् अतिथि फिल्म निर्माता इरफान मजहर और लिटरेरी क्लब के अध्यक्ष डॉ. सिराज अजमली भी मौजूद थे। संचालन वजाहत जीलानी ने किया। (jagran)

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