नई दिल्ली दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव अब्दुल करीम टुंडा को 1990 में बाबरी मस्जिद ध्वंस के बाद हुए बम धमाकों के आरोपों से बरी कर दिया है। टुंडा के साथ तीन अन्य लोगों को शनिवार को कोर्ट ने बरी किया है। दिल्ली पुलिस ने हालांकि कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला लिया है।

कई बम धमाकों का आरोपी अब्दुल करीम टुंडा बरी

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि 73 साल के टुंडा को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी किया जा रहा है और प्रथम दृष्ट्या यह साबित नहीं होता कि टुंडा का धमाकों में कोई हाथ था। टुंडा पर यह भी आरोप है कि वह लश्कर का टॉप बम एक्सपर्ट है।

दिल्ली पुलिस ने टुंडा को 16 अगस्त, 2013 को भारत-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था और चार मामलों में आरोपी बनाया था। इसके बाद, शनिवार को कोर्ट ने टुंडा को चौथे और आखिरी मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया।

इसके पहले, टुंडा को तीन और मामलों में आरोपों से बरी किया गया था।

1- 28 अक्टूबर 1997 को करोल बाग में हुआ बम धमाका। इसमें एक की मौत हुई थी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने एक बम भी बरामद किया था।

2- सदर बाजार में 1 अक्टूबर, 1997 को हुए दो बम धमाके। सदर बाजार में हुए इन दोनों बम धमाकों में कई लोग घायल हो गए थे।

टुंडा को एक अन्य कोर्ट ने भी टाडा ऐक्ट के तहत दायर मामले में बरी कर दिया था। टुंडा का नाम उन 20 आतंकियों की लिस्ट में भी शामिल है, जिन्हें मुंबई आतंकी हमले के भारत ने बाद पाकिस्तान से सौंपने को कहा था। (NBT)

English Summary

Delhi’s Patiala House Court has acquitted alleged Lashkar-e-Toiba operative Abdul Karim Tunda.


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