दिल्ली पुलिस ने फाइनली 77 साल के ‘सुपर नटवरलाल’ धनी राम मित्तल को गिरफ्तार कर लिया है। इस सुपरनटवरलाल पर 127 मामले दर्ज हैं। इस बार उसे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील की कार चोरी के मामले में पकड़ा गया है। इससे पहले धनीराम मित्तल मैजिस्ट्रेट बनकर हरियाणा के झज्जर कोर्ट में 2 महीने तक काम किया था। इस दौरान उसने 2,740 लोगों को जमानत दी थी।
डीसीपी वेस्ट पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर राजपाल डबास की टीम ने धनीराम को गिरफ्तार किया। भिवानी का रहना वाले धनीराम ने ग्रजुएट होने के बाद 1968 से 1974 तक फर्जी दस्तावजों पर रेलवे में स्टेशन मास्टर के तौर पर काम किाय। उसके बाद वह रोहतक में आरटीओ ऑफिस में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बनवाने लगा। गाड़ियों के नकली कागजात बनवाने के केस में वह पहली बार 1964 में गिरफ्तार किया गया था।
उसके बाद धनीराम ने एलएलबी पास की और धोखाधड़ी से 2 महीने तक झज्जर में मैजिस्ट्रेट बनकर कोर्ट में काम किया। वह 52 साल से धोखाधड़ी की वारदातें कर रहा है। धनीराम हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान में दर्ज 127 केसों में शामिल रहा है।
डीसीपी ने बताया कि धनीराम को रोहिणी कोर्ट के पास से पकड़ा गया है। उससे बरामद कार रानी बाग से चोरी की गई थी। वह इन दिनों चंडीगढ़ में हुई घटनाओं में भगोड़ा घोषित है। उसने चंडीगढ़ हाई कोर्ट के वकील की कार चोरी कर ली थी। (Live India)

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