नई दिल्ली, भारतीय वायु सेना बीच हवा में ही लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने की दिशा में और ज्यादा आत्मनिर्भर होना चाहती है। इसके लिए उसने सरकार से ज्यादा से ज्यादा ऐसे विमानों की खरीद की बात कही है जिससे हवा में ही तेल भरा जा सके।
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बीच हवा में तेल भरना एक ऐसी प्रकिया है जिससे किसी मिलिटरी एयरक्राफ्ट से दूसरे मिलटरी एयरक्राफ्ट या अन्य जहाजों में हवा में ही विमानन ईंधन भरा जाता है। इससे कोई विमान बिना जमीन पर उतरे लंबे समय तक हवा में उड़ान भर सकता है।

दुनिया में ऐसे बहुत कम ही देश हैं जिनके पास हवा में ही ईंधन भरने वाले विमान या ऐसी तकनीक है। इनमें से भारत भी एक है।

भारत के पास फिलहाल रूस में निर्मित इल्युशिन आईएल-78 विमान है जिसका इस्तेमाल हवा-से-हवा में ईंधन भरने के लिए किया जाता है।

आईएल-78 अधिकतम 21 लाख किग्रा का भार लेकर उड़ान भरने में सक्षम है। इसके लिए इसमें 4 दमदार इंजन लगाए गए हैं जो 27 हजार पाउंड का थ्रस्ट पैदा करता है।

एक बार उड़ान भरने के बाद यह 850 किमी/घंटे की रफ्तार से 7,300 किमी तक सफर करने में सक्षम है।

आईएल 900 से 2,200 लीटर/मिनट कि दर से दूसरे विमान में ईंधर भर सकता है।

साभार अमर उजाला

 


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