जद्दा, सऊदी अरब (न्यूज़ एजेंसीस) जद्दा शहर में इस्लामी सभ्यता के विरुद्ध संगीत कार्यक्रम ने इस्लामी हलक़ों में आलोचना का बाज़ार गर्म कर दिया है। अप्रत्याशित रूप से वहाबी  विचारधारा वाली अम्र बिल मारूफ़ कमेटी के किसी भी सदस्य ने इस संगीत कार्यक्रम को रोकने की कोशिश नहीं की।

इस संबंध में, मिस्र की अलअज़हर यूनिवर्सिटी ने पश्चिम में शैतानों की पूजा करने वालों का प्रतीक माने जाने वाले स्वीडिश समूह घोस्ट की कार्यक्रम में भागीदारी की घोर निंदा की है।

और पढ़े -   भारत की बड़ी मुश्किलें - सऊदी अरब ने विवादित स्कॉलर जाकिर नाईक को दी नागरिकता

जेद्दा के शहर में सामान्य संगीत संगीत कार्यक्रम, सऊदी अरब में इस्लाम हलकों की आलोचना का एक विशाल लहर किया गया है। अरब मामलों के बहुत से विश्लेषक सऊदी अरब में इस माहौल के लिए वली अह्द के उत्तराधिकारी और सऊदी अरब के रक्षा मंत्री मोहम्मद बिन सलमान के 2030 प्लान का हिस्सा मानते हैं, और उनका मानना है कि इस इस्लाम विरोधी विचारधारा के कारण सऊदी अरब के युवाओं के लिए इस प्रकार के संगीत कार्यक्रमों और सिनेमा की यलग़ार होगी ताकि इस्लामिक संस्कृति को सऊदी अरब के समाज से पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।

और पढ़े -   इल्म के बिना इंसान अधूरा है : आरिफ बरकाती

पैग़म्बरे इस्लाम की धरती पर सऊद द्वारा इस प्रकार के अश्लील कार्यक्रमों का आयोजन उस स्थिति में हो रहा है कि जब बहुत सों का मानना है कि अम्र बिल मारूफ़ व नही अनिल मुनकर जैसे कमेटियों ने महिलाओं से यात्रा करने और ड्राइविंग जैसे आधारभूत अधिकारों को छीन रखा है।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE