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नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद यूँ तो हर कोई परेशांन है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जिनकी परेशानी और से थोड़ी जुदा है. जो लोग घंटो लाइन में लगने के बाद नयी करेंसी हासिल कर भी रहे है , उनके लिए परेशानी अभी कम नही हुई है. देश भर से लगातार शिकायते आ रही है की बैंक से मिल रहा 2000 का नया नोट बाजार में नही चल रहा है . केवल वो ही लोग परेशान नही है जिनको 2000 के नोट मिल रहे है, कुछ लोग वो भी है जिनको करेंसी के नाम पर सिक्के थमा दिए जा रहे है.

ऐसे ही एक शख्स है इम्तियाज. दिल्ली के जसोला के रहने वाले इम्तियाज एक बैंक की लाइन में चार घंटे तक खड़े रहे. इम्तियाज को अपने खाते से 20 हजार रूपए निकालने थे. जब उनका नम्बर आया तो उनको इल्म नही था की उनके साथ क्या घटित होने वाला है. इम्तियाज ने पैसे निकालने के लिए फॉर्म भरा और उस फॉर्म को केशियर को थमा दिया.

अगला द्रश्य देखकर इम्तियाज को हंसी भी आ रही थी और गुस्सा भी. केशियर ने इम्तियाज को 10-10 के 2000 सिक्के थमा दिए. बैंक का कहना था की हमारे पास पैसे नही इसलिए आपको इनसे ही काम चलाना होगा. इम्तियाज का कहना था की इन सिक्को का वजन ही करीब 15 किलो था. इन सिक्को को मुझे अपने कंधे पर रखकर ले जाना पड़ा.

सबसे बड़ी दिक्कत यह है की बाजार में 10 के सिक्के भी नही चल रहे है. जब से मीडिया में 10 के नकली सिक्को की खबर आई है , कोई भी दुकानदार इन सिक्को को नही पकड़ रहा है. इम्तियाज के लिए एक तरफ खाई है तो दूसरी तरह कुआं. ना तो पुराने नोट चल रहे है और न ही वो नोट जो बैंक ने उनको बदलकर दिए है. हालांकि इम्तियाज का कहना है की बैंक मेनेजर ने उनसे पुछा था की वो सिक्को में अपनी रकम को ले सकते है, तो मैंने झट से हां कर दी क्योकि लाइन में घंटो लगने से अच्छा है सिक्को से काम चलाओ.


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